मंगलवार, अगस्त 03, 2004

बिल्कुल सहि

आलोक आप बिल्कुल सहि क़ह रहें हैं। देबाशीष बहुमुखी प्रतीभा के धनी है। और मुझे भी कुछ अच्छे काम करने के लिये प्रेरीत करते रहते हैं। जीसका उदाहरण चिठ्ठा विश्व मे मेरा योगदान है।