सोमवार, फ़रवरी 23, 2004

वाह मजा आ गया

अतुल अरोरा जी ने लाईफ ईन ए एचओचवी लेन में रोज मर्रा की बातें भी कितने मजेदार अंदाज मे लिखी है।

शुक्रवार, फ़रवरी 06, 2004

बाल मजदूरी और हम

चारु ने नुक्ता‍ चीनी में बाल मजदूरी पर अपने विचार व्यक्त किये हैं।

चारु जहां तक आपकी बाई की बेटी का सवाल हैं तो घर पर अकेले रहने से तो अच्छा हैं कि वो माँ के साथ जाये। काम पर वो पढ़ाई भी कर सकती है और अगर वो भी काम करती है तो इससे उसे जिम्मेदारी का अहसास होगा और ये भी पता चलेगा कि उसकी माँ कितनी मेहनत करती है। बेटी के घर पर अकेले रहने में माँ के लिये ज्यादा चिंता की बात है.

पर हाँ, हम सभी को इस बारे में सोचना चाहिये और ये प्रयास करना चाहिये कि भले ही ये बच्चे हमारे यहा काम करते हो , पर उनकी पढ़ाई ठीक से चलें, उनको किताबें आसानी से मिल जायें, उनकी पढाई में मदद करें, ताकि कल वो अपने पैरों पर खड़े हो सकें।