बिल्कुल सहि
आलोक आप बिल्कुल सहि क़ह रहें हैं। देबाशीष बहुमुखी प्रतीभा के धनी है। और मुझे भी कुछ अच्छे काम करने के लिये प्रेरीत करते रहते हैं। जीसका उदाहरण चिठ्ठा विश्व मे मेरा योगदान है।
नई शक्ति, नई चमकार के साथ पद्मजा का चिठ्ठा अब हिन्दी में।
आलोक आप बिल्कुल सहि क़ह रहें हैं। देबाशीष बहुमुखी प्रतीभा के धनी है। और मुझे भी कुछ अच्छे काम करने के लिये प्रेरीत करते रहते हैं। जीसका उदाहरण चिठ्ठा विश्व मे मेरा योगदान है।
नीरव का गज़लो का सफर पढ़ कर कॉलेज के दिनो मे कहीं से सुना हुआ ये शेर याद आ गया,
तुम काली हो ये फरीश्तों कि भूल है।
वो तिल लगा रहे थे कि स्याही बिख़र गयी।
मराटी ब्लॉग पर लिखे मेरे पिछले चिट्ठे पर पाठकों ने पूछा (और सवाल जायज भी था) कि पहला मराठी चिट्ठा कौन सा है। इसका जवाब तो देबाशीष के इस चिटठे पर मौजुद है। वैसे नीरव ने भी मराठी में लिखना शुरु किया है और कुछ और लोग भी, भले ही वह मराठी अंग्रेजी का मिश्रण हो, मराठी में विचार रख रहे हैं, जैसे अजीत ओक और प्रियांक । जाहिर है जब तक लोग हिन्दी जैसा मराठी वेबरिंग नहीं रच लेते, ये खबर जंगल की आग की तरह नहीं फैल सकती। जैसा कि शीर्षक मे मैने लिखा, खुशी की बात ये है कि जाल पर मराठी का दायरा बढ़ रहा है। क्या खयाल है आपका?
मेरी, हिन्दी में मात्राओ कि गलतीयों को देखकर लगता है कि कोई एक अदद हिन्दी स्पेल चेकर होता तो क्या बात होती, वैसे प्रोजेक्ट अच्छा है ये, यदि कोई काम करना चाहे तो। ढुंढने निकलो तो भगवान भि मिल जायेंगे । ये लिजीये गुगल भैया ने तो ढेर सारि लिनक्स दे दि.
मराठी चिट्ठा वाट्टेल ते पढ़कर बड़ा सुकून मिला । अपनी मातृ भाषा की मिठास हमेशा हि दिल को ठंड़क देने वाली होती है।
वाह निरव जी , क्या बात है! पहले तो चीट्ठो की दुनीया में आपका स्वागत है। हमे नही मालुम था कि आपको भी मछलीयों का शौक है। मछलियों के बारे मे मैने तो सुना था कि सात सुनहरी और एक काली मछली रखते है, अगर कोई जानकार हो तो बताये।
इस हफ्ते चिट्ठा विश्व में कुछ योगदान दिया। अभी तो यह बीटा वर्जन में है, देबाशीष अभी लेखन सामग्री जुटाने मे लगे हैं। आपके सुझाव भी आमंत्रित हैं।
पर ये क्या? मेरा ही चिट्ठा इस सूची से गायब है? पता चला कि जब तक अपना चिट्ठा अपडेट नही करो ये दिखायेंगे नहीं। तो लो भाई, ये हो गया हमारा चिट्ठा भी अपडेट।